अयोध्या दर्शन

अयोध्या का संक्षिप्त इतिहास व दार्शनिक स्थल :

अयोध्या भारतवर्ष में सरयू के तट पर स्थित सूर्ववंशी राजाओं की एक प्रचीन नगरी के रुप में पहचान थी जो वर्तमान समय में भगवान श्रीराम चन्द्र जी की जन्मभूमी के रुप में जानी जाती है जिसको प्राचीन समय मे अनेक नामों से जाना जाता था जैसे कौशलराज अवध प्रान्त साकेत आदि। वर्तमान में यह उत्तर प्रदेश में अयोध्या जिले के रुप मे जाना जा रहा है। यहा भगवान श्री राम की जन्मभूमी (गर्भ गृह) की परिधि रामकोट के नाम से जाना जाता है जिसकी परिक्रमा अयोध्या मे रहनें वाले भक्त प्रतिदिन करते है। इस नगर की परिधी पाँच कोस चौदह कोस एवं चौरासी कोस में बाटा गया है जिसकी परिक्रमा क्रमशः पंचकोसी देवात्थान एकादशी को चौदहकोसी परिक्रमा - अक्षय नवमी को कार्तिक मास में चौरासी कोसी परिक्रमा चैत्र मास में होती है ।

रामकोट में आने वाली दार्शनिक स्थल :

  • श्री राम जन्मभूमी
  • कनक भवन
  • सीता रसोई
  • दशरथ महल
  • हनुमान गढ़ी
  • आनन्दभवन
  • गोकुल भवन

पंचकोसी परिक्रमा मार्ग की परिधी में आने वाले दार्शनकि स्थल :

  • सरयू नदी (रामपैडी)
  • जानकी महल
  • बड़ी छावनी
  • छोटी छावनी
  • अंतराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय
  • अंतराष्ट्रीय राम नाम साधना सेवा ट्रस्ट कैम्प कार्यलय
  • कारसेवकपुरम्
  • जैन मंदिर
  • महावीर स्वामी मंदिर
  • विद्याकुण्ड
  • मणिपर्वत
  • तुलसी उद्यान

चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग की परिधी में आने वाले दार्शनकि स्थल :

  • मखोडा धाम
  • श्रंगी ऋषि आश्रम
  • राजा दशरथ सामाधी स्थ्ल
  • गहनाग मंदिर
  • कामख्या भवानी मंदिर
  • कोटवा धाम मंदिर
  • पारिजात वृक्ष
  • वाराह अवतार भगवान मंदिर
  • भरतकुण्ड
  • नरहरिदास एवं गोस्वामी तुलसीदास जी का जन्मभूमी
  • हनुमानटीला मंदिर
  • देवकाली मंदिर